पल
यार आज बिछड़े
पल तोह मिला दे
गम ही सही
दो पल तोह मिला दे
यार आज मेरा
तू ही भरोसा
तू ही हमेशा
था मेरा साया
एक पल मैं खुद को
खुद से मिला दे
तेरा ये वादा
जिसमे कहा था
तुझसे आकर
जब मैं मिला था
तुझसे ही हैरत
तुझसे ही शिकवे
मिल जा कभी तो
गले तोह लगा ले
उन पल मैं जी लूं
उन पल पे मरलूं
उन पल कि सदा
फितरत मैं कर लू
वोह पल की राहें
देखे जिया हूँ
वोह पल को देखूं
तो मौत से भी मिललूं
-अमित श्री . खरे
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